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बिहार पुलिस ने पोक्सो अधिनियम के उल्लंघन में जमुई पीड़िता की तस्वीर साझा करने पर सीएमओ कर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की

25 September 2026
4 min read
Bihar Police has registered an FIR against a Chief Minister's Office official for allegedly uploading unblurred photographs of a minor molestation victim's family on social media. The action follows severe criticism from opposition leaders citing violations of the Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) Act.

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • पटना के सचिवालय पुलिस स्टेशन में सीएमओ अधिकारी सागर प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
  • इस अधिकारी पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल पर जमुई की एक नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की बिना धुंधली की गई तस्वीरें साझा करने का आरोप है।
  • विपक्ष के नेता ने पोक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 23 का उल्लंघन करने का आरोप लगाया, जो नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने पर प्रतिबंध लगाती है।
  • विवाहित पोस्ट को अपलोड होने के 15 मिनट के भीतर ही हटा लिया गया था, हालांकि इसने राज्य में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया।

परीक्षा उपयोगी तथ्य (Exam Facts)

मंत्रालय / विभाग

Home Department, Government of Bihar

संबंधित संस्थाएं

Bihar Police, Chief Minister's Office (CMO) Bihar

संवैधानिक / कानूनी संदर्भ

Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) Act, 2012

स्टैटिक जीके संदर्भ

Section 23 of the POCSO Act, 2012 penalizes any person who publishes or reports in any media the identity, including name, address, photograph, or school, of a child involved in sexual offences.

विस्तृत संपादकीय एवं मुख्य परीक्षा विश्लेषण

बिहार पुलिस ने मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी के खिलाफ एक नाबालिग यौन उत्पीड़न पीड़िता के परिवार की स्पष्ट तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई पोक्सो अधिनियम के उल्लंघन का हवाला देते हुए विपक्षी नेताओं की कड़ी आलोचना के बाद हुई है। पटना के सचिवालय पुलिस स्टेशन में सीएमओ अधिकारी सागर प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इस अधिकारी पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल पर जमुई की एक नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की बिना धुंधली की गई तस्वीरें साझा करने का आरोप है। विपक्ष के नेता ने पोक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 23 का उल्लंघन करने का आरोप लगाया, जो नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने पर प्रतिबंध लगाती है। विवाहित पोस्ट को अपलोड होने के 15 मिनट के भीतर ही हटा लिया गया था, हालांकि इसने राज्य में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया।

अभ्यास प्रश्न (Daily Practice MCQs)

विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (SSC, Banking, UPSC) के स्तर अनुसार बहुविकल्पीय प्रश्न

3 Questions
Level 1: Direct Factual (SSC / Railways)

Q1.लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम, 2012 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह मीडिया में किसी भी बाल पीड़िता की पहचान, जिसमें तस्वीरें शामिल हैं, के खुलासे पर प्रतिबंध लगाता है। 2. यह अधिनियम बच्चों को यौन उत्पीड़न से बचाने के मामले में लिंग-तटस्थ (gender-neutral) है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Level 2: Conceptual Bridge (Banking / State PSC)

Q2.पोक्सो अधिनियम, 2012 की किस धारा के तहत यौन अपराधों के बाल पीड़ित की पहचान उजागर करना एक अपराध माना जाता है?

Level 3: Multi-Statement (UPSC / State PCS)

Q3.वर्ष 2012 में अधिनियमित पोक्सो (POCSO) अधिनियम का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?