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टीएमसी ने पश्चिम बंगाल चुनाव में धार्मिक ध्रुवीकरण के लिए यूट्यूबरों को ₹286.99 करोड़ देने का लगाया भाजपा पर आरोप

25 September 2026
4 min read
The Trinamool Congress has accused the BJP of utilizing social media influencers and YouTubers to manufacture religious polarization ahead of the West Bengal Assembly elections. Citing election expenditure statements, TMC leaders alleged that substantial funds were channeled to specific influencers to stoke communal tensions.

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनावों से पहले भाजपा ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के माध्यम से धार्मिक विभाजन पैदा करने के लिए धन खर्च किया।
  • चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल चुनावी खर्च के विवरण से पता चलता है कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों पर ₹286.99 करोड़ खर्च किए।
  • इस विवाद में ऐसे विशिष्ट मामले शामिल हैं जहाँ यूट्यूबरों पर सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाने के लिए खाद्य पदार्थों को लेकर सार्वजनिक व्यवधान पैदा करने का आरोप है।
  • पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि चुनाव खर्च का विवरण सार्वजनिक डोमेन में आने के बाद यूट्यूबरों से जुड़े वित्तीय लेनदेन सामने आए।

परीक्षा उपयोगी तथ्य (Exam Facts)

मंत्रालय / विभाग

Election Commission of India (Statutory Body)

संबंधित संस्थाएं

Election Commission of India, Trinamool Congress (TMC), Bharatiya Janata Party (BJP)

संवैधानिक / कानूनी संदर्भ

The disclosure of election expenditures is governed under the Representation of the People Act, 1951, and guidelines issued by the Election Commission of India regarding transparency in political funding and campaign expenses.

स्टैटिक जीके संदर्भ

The Model Code of Conduct (MCC) and election expenditure monitoring by the Election Commission of India are crucial mechanisms to ensure free and fair elections under Article 324 of the Constitution of India.

विस्तृत संपादकीय एवं मुख्य परीक्षा विश्लेषण

तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले धार्मिक ध्रुवीकरण करने के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबरों का उपयोग करने का भाजपा पर आरोप लगाया है। चुनाव आयोग को सौंपे गए व्यय विवरण का हवाला देते हुए टीएमसी नेताओं ने दावा किया कि सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने के लिए चुनिंदा इन्फ्लुएंसर को भारी धन राशि दी गई थी। टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनावों से पहले भाजपा ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के माध्यम से धार्मिक विभाजन पैदा करने के लिए धन खर्च किया। चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल चुनावी खर्च के विवरण से पता चलता है कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों पर ₹286.99 करोड़ खर्च किए। इस विवाद में ऐसे विशिष्ट मामले शामिल हैं जहाँ यूट्यूबरों पर सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाने के लिए खाद्य पदार्थों को लेकर सार्वजनिक व्यवधान पैदा करने का आरोप है। पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि चुनाव खर्च का विवरण सार्वजनिक डोमेन में आने के बाद यूट्यूबरों से जुड़े वित्तीय लेनदेन सामने आए।

अभ्यास प्रश्न (Daily Practice MCQs)

विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (SSC, Banking, UPSC) के स्तर अनुसार बहुविकल्पीय प्रश्न

2 Questions
Level 1: Direct Factual (SSC / Railways)

Q1.भारत में चुनाव खर्च और राजनीतिक फंडिंग के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजनीतिक दलों के लिए भारत के चुनाव आयोग को अपने चुनाव व्यय विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य है। 2. राजनीतिक दान और चुनाव अभियान के खर्चों की घोषणा से संबंधित नियम मुख्य रूप से लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 द्वारा शासित होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Level 2: Conceptual Bridge (Banking / State PSC)

Q2.भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के तहत चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति भारत के चुनाव आयोग में निहित है?