CA-20260926-4941High Exam Priority

सीबीएन ने मध्य प्रदेश में नशा विरोधी अभियान 'मिशन युवा रक्षा' का आयोजन किया

26 September 2026
4 min read
Source:PIB India (Press Information Bureau)
The Central Bureau of Narcotics (CBN) organized a comprehensive anti-drug awareness program under 'Mission Yuva Raksha' at G.T. Polytechnic College, Jawra, Madhya Pradesh. The initiative aims to curb illicit drug trafficking, educate youth about substance abuse, and foster a healthy, drug-free society.

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • सहयोगात्मक आउटरीच: सीबीएन ने लगभग 50 अफीम उत्पादकों और 40 प्रवर्तन अधिकारियों को लक्षित करते हुए मंदसौर में ब्रह्माकुमारीज आध्यात्मिक संगठन के साथ मिलकर जागरूकता सत्र आयोजित किए।
  • शिकायत निवारण तंत्र: नीमच और मंदसौर जिलों में विशेष 'जन सुनवाई' शिविर आयोजित किए गए, जिससे 450 से अधिक लाइसेंस प्राप्त अफीम उत्पादकों को नाम सुधार और आगामी निपटान अभियानों से संबंधित प्रशासनिक प्रश्नों के त्वरित समाधान का लाभ मिला।
  • निवारक प्रवर्तन रणनीति: इस दोहरी प्रशासनिक दृष्टिकोण के तहत अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करने के साथ-साथ युवाओं को नशीली दवाओं के सेवन से बचाने के लिए जमीनी स्तर पर सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
  • उत्पादक सलाहकार ढांचा: लाइसेंस प्राप्त अफीम किसानों को बिचौलियों के हस्तक्षेप से सावधान रहने तथा परिचालन पारदर्शिता और प्रक्रियात्मक सहायता के लिए सीधे सीबीएन अधिकारियों से संपर्क करने की आधिकारिक सलाह दी गई।

परीक्षा उपयोगी तथ्य (Exam Facts)

मंत्रालय / विभाग

Ministry of Finance, Department of Revenue

संबंधित संस्थाएं

Central Bureau of Narcotics (CBN), Narcotics Control Bureau (NCB), Central Board of Indirect Taxes and Customs (CBIC)

संवैधानिक / कानूनी संदर्भ

Narcotic Drugs and Psychotropic Substances (NDPS) Act, 1985; Article 47 of the Constitution of India (Directive Principles of State Policy - duty of the State to raise the level of nutrition and the standard of living and to improve public health, including the prohibition of intoxicating drinks and drugs)

स्टैटिक जीके संदर्भ

India is one of the few countries globally permitted to cultivate opium poppy for medicinal and scientific purposes, strictly regulated under the 1961 Single Convention on Narcotic Drugs.

विस्तृत संपादकीय एवं मुख्य परीक्षा विश्लेषण

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) वित्त मंत्रालय के तहत एक प्रमुख कानून प्रवर्तन एजेंसी के रूप में कार्य करता है, जिसे अफीम की खेती को विनियमित करने और मादक पदार्थों तथा मनोरोगी पदार्थों (एनडीपीएस) की अवैध तस्करी को रोकने का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। मध्य प्रदेश के जावरा क्षेत्र में 'Mission Yuva Raksha' का हालिया क्रियान्वयन केवल दंडात्मक कार्रवाई से हटकर निवारक एवं समुदाय-केंद्रित पुलिसिंग की ओर एक रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है। जी.टी. पॉलिटेक्निक कॉलेज जैसे शैक्षणिक संस्थानों को शामिल करके, ब्यूरो मल्टीमीडिया प्रस्तुतियों, इंटरैक्टिव क्विज़ और संस्थागत शपथ समारोहों के माध्यम से छात्रों के संवेदनशील जनसांख्यिकीय वर्ग को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से बचाने का प्रयास कर रहा है। इसके साथ ही, नीमuch और मंदसौर में 'जन सुनवाई' शिविरों के माध्यम से प्रदर्शित संस्थागत संवाद वैध कृषि हितधारकों के सामने आने वाले महत्वपूर्ण प्रशासनिक अवरोधों का समाधान करता है। भारत में अफीम की खेती कड़े सरकारी लाइसेंस के तहत संचालित होती है, जहाँ रकबे के आवंटन, नाम परिवर्तन और उपज निपटान से संबंधित शिकायतों के लिए सुचारू नियामक निरीक्षण की आवश्यकता होती है। मौके पर 450 से अधिक उत्पादकों की शिकायतों का समाधान करके और उन्हें बिचौलियों से बचाकर, ब्यूरो संस्थागत विश्वास को मजबूत करता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कानूनी कृषि ढांचे बिना किसी प्रशासनिक बाधा के कार्य करें और अवैध आपूर्ति सिंडिकेट को ध्वस्त करने पर पूर्ण ध्यान केंद्रित किया जा सके। व्यापक शासन परिप्रेक्ष्य से, ये जमीनी पहल भारत के 'नशा मुक्त भारत' के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप हैं। मादक पदार्थों की तस्करी के अंतरराष्ट्रीय खतरे से निपटने के लिए आपूर्ति में कमी, मांग में कमी और नुकसान के न्यूनीकरण को संयोजित करने वाले एक एकीकृत दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है। जहाँ निरंतर अंतर्ग्रहण अभियान अवैध पदार्थों की उपलब्धता को रोकते हैं, वहीं निवारक शैक्षिक अभियान और पारदर्शी हितधारक शिकायत निवारण सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करते हैं। सिविल सेवा अभ्यर्थियों के लिए, यह बहु-आयामी प्रशासनिक मॉडल यह दर्शाता है कि कैसे नियामक एजेंसियां दीर्घकालिक सार्वजनिक नीति के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कठोर वैधानिक प्रवर्तन को सक्रिय कल्याणकारी पहलों के साथ सफलतापूर्वक जोड़ सकती हैं।

अभ्यास प्रश्न (Daily Practice MCQs)

विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (SSC, Banking, UPSC) के स्तर अनुसार बहुविकल्पीय प्रश्न

3 Questions
Level 1: Direct Factual (SSC / Railways)

Q1.मध्य प्रदेश के किस जिले में सीबीएन द्वारा जी.टी. पॉलिटेक्निक कॉलेज में नशा विरोधी अभियान 'मिशन युवा रक्षा' हाल ही में आयोजित किया गया था?

Level 2: Conceptual Bridge (Banking / State PSC)

Q2.भारत में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) मुख्य रूप से किस केंद्रीय मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है?

Level 3: Multi-Statement (UPSC / State PCS)

Q3.भारत में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) और अफीम विनियमन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 1961 के एकल कन्वेंशन ऑन नार्कोटिक ड्रग्स जैसे अंतरराष्ट्रीय संधि फ्रेमवर्क के तहत भारत को औषधीय और वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए अफीम की खेती करने की अनुमति है। 2. सीबीएन विशेष रूप से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के संबंध में बिना किसी वैधानिक प्रवर्तन या जांच शक्तियों के केवल निवारक शैक्षिक अभियानों का संचालन करता है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?