High Exam Priority
मेक इन इंडिया अभियान ने पूरे किए 12 वर्ष, 27 प्रमुख क्षेत्रों में विनिर्माण का हो रहा है विस्तार
26 September 2026
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Marking its 12th anniversary since launch on September 25, 2014, the Make in India initiative has successfully transitioned into Make in India 2.0, covering 27 strategic sectors. The campaign continues to drive robust domestic manufacturing capacity, investment promotion, and infrastructure development across India.
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- भारत को वैश्विक विनिर्माण और नवाचार केंद्र में बदलने के लिए 'मेक इन इंडिया' की शुरुआत 25 सितंबर 2014 को की गई थी।
- मेक इन इंडिया 2.0 के तहत इस रूपरेखा में 27 क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिनमें 15 विनिर्माण क्षेत्र और 12 सेवा-उन्मुख क्षेत्र हैं।
- वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच स्थिर कीमतों पर विनिर्माण सकल मूल्य वर्धित (GVA) 10.88% की मजबूत चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ा है।
- ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल डिवाइस जैसे पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उत्पादन वृद्धि दर्ज की गई है, जहाँ 2024-25 में ऑटोमोबाइल का उत्पादन 31.03 मिलियन यूनिट तक पहुँच गया।
परीक्षा उपयोगी तथ्य (Exam Facts)
मंत्रालय / विभाग
Ministry of Commerce and Industry
संबंधित संस्थाएं
Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT)
संवैधानिक / कानूनी संदर्भ
A policy-driven national initiative aiming to facilitate investment, foster innovation, enhance skill development, and build best-in-class manufacturing infrastructure under Article 21 and Directive Principles of State Policy relating to economic development.
स्टैटिक जीके संदर्भ
Index of Industrial Production (IIP) is compiled and published monthly by the National Statistical Office (NSO), Ministry of Statistics and Programme Implementation (MoSPI).
विस्तृत संपादकीय एवं मुख्य परीक्षा विश्लेषण
25 सितंबर 2014 को अपनी शुरुआत के बाद से 12 वर्ष पूरे करने वाला 'मेक इन इंडिया' अभियान सफलतापूर्वक 'मेक इन इंडिया 2.0' में परिवर्तित हो चुका है, जिसके तहत 27 रणनीतिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है। यह अभियान देश भर में घरेलू विनिर्माण क्षमता, निवेश संवर्धन और बुनियादी ढांचा विकास को लगातार गति दे रहा है।
भारत को वैश्विक विनिर्माण और नवाचार केंद्र में बदलने के लिए 'मेक इन इंडिया' की शुरुआत 25 सितंबर 2014 को की गई थी।
मेक इन इंडिया 2.0 के तहत इस रूपरेखा में 27 क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिनमें 15 विनिर्माण क्षेत्र और 12 सेवा-उन्मुख क्षेत्र हैं।
वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच स्थिर कीमतों पर विनिर्माण सकल मूल्य वर्धित (GVA) 10.88% की मजबूत चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ा है।
ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल डिवाइस जैसे पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उत्पादन वृद्धि दर्ज की गई है, जहाँ 2024-25 में ऑटोमोबाइल का उत्पादन 31.03 मिलियन यूनिट तक पहुँच गया।