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एनपीसीआई ने अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के विशिष्ट यूपीआई पी2एम लेनदेन पर 0.4% एमडीआर लागू किया

26 September 2026
4 min read
A Merchant Discount Rate (MDR) of 0.4% will be levied on specific Person-to-Merchant (P2M) UPI transactions exceeding ₹2,000 starting October 15, 2026. However, standard individual-to-individual transfers and small vendors meeting exemption criteria will remain completely unaffected.

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • ₹2,000 से अधिक के पी2एम यूपीआई लेनदेन पर 0.4% का एमडीआर लागू होगा, जिसमें ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर अधिकतम ₹300 की सीमा निर्धारित की गई है।
  • अंतिम ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाएगा और वे बिना किसी प्रत्यक्ष यूपीआई शुल्क के सूची मूल्य का भुगतान करना जारी रखेंगे।
  • यूपीआई क्यूआर कोड के माध्यम से प्रति माह ₹1 लाख तक प्राप्त करने वाले सूक्ष्म व्यापारियों और छोटे विक्रेताओं को इस शुल्क से पूरी तरह छूट दी गई है।
  • पीयर-टू-पीयर (P2P) ट्रांसफर और सब्सक्रिप्शन या यूटिलिटी बिलों के लिए यूपीआई ऑटोपे सेवाओं पर कोई एमडीआर शुल्क नहीं लगेगा।

परीक्षा उपयोगी तथ्य (Exam Facts)

मंत्रालय / विभाग

Ministry of Finance, Government of India

संबंधित संस्थाएं

National Payments Corporation of India (NPCI), Reserve Bank of India (RBI)

संवैधानिक / कानूनी संदर्भ

Regulated under the Payment and Settlement Systems Act, 2007, governed by the Reserve Bank of India.

स्टैटिक जीके संदर्भ

NPCI is an umbrella organization for operating retail payments and settlement systems in India, founded in 2008 under the provisions of the Companies Act, 2013.

विस्तृत संपादकीय एवं मुख्य परीक्षा विश्लेषण

15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के विशिष्ट पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) यूपीआई लेनदेन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाया जाएगा। हालांकि, सामान्य व्यक्ति-से-व्यक्ति ट्रांसफर और छूट मानदंडों को पूरा करने वाले छोटे विक्रेता पूरी तरह से प्रभावित नहीं रहेंगे। ₹2,000 से अधिक के पी2एम यूपीआई लेनदेन पर 0.4% का एमडीआर लागू होगा, जिसमें ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर अधिकतम ₹300 की सीमा निर्धारित की गई है। अंतिम ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाएगा और वे बिना किसी प्रत्यक्ष यूपीआई शुल्क के सूची मूल्य का भुगतान करना जारी रखेंगे। यूपीआई क्यूआर कोड के माध्यम से प्रति माह ₹1 लाख तक प्राप्त करने वाले सूक्ष्म व्यापारियों और छोटे विक्रेताओं को इस शुल्क से पूरी तरह छूट दी गई है। पीयर-टू-पीयर (P2P) ट्रांसफर और सब्सक्रिप्शन या यूटिलिटी बिलों के लिए यूपीआई ऑटोपे सेवाओं पर कोई एमडीआर शुल्क नहीं लगेगा।

अभ्यास प्रश्न (Daily Practice MCQs)

विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (SSC, Banking, UPSC) के स्तर अनुसार बहुविकल्पीय प्रश्न

3 Questions
Level 1: Direct Factual (SSC / Railways)

Q1.अक्टूबर 2026 में लागू होने वाले यूपीआई लेनदेन के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) ढांचे के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. 0.4% एमडीआर सीधे डिजिटल भुगतान करने वाले अंतिम ग्राहक से वसूला जाता है। 2. यूपीआई के माध्यम से प्रति माह ₹1 लाख तक प्राप्त करने वाले छोटे विक्रेताओं को एमडीआर से छूट दी गई है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Level 2: Conceptual Bridge (Banking / State PSC)

Q2.₹75,000 या उससे अधिक के लागू यूपीआई लेनदेन के लिए 0.4% एमडीआर पर अधिकतम सीमा (कैप) क्या निर्धारित की गई है?

Level 3: Multi-Statement (UPSC / State PCS)

Q3.निम्नलिखित में से कौन सा लेनदेन निर्धारित एमडीआर ढांचे से पूरी तरह मुक्त है?