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सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों के आरोपी मीरान হায়दर की शादी से पहले जमानत की शर्तों में ढील दी
26 September 2026
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The Supreme Court has partially relaxed the bail conditions for 2020 Delhi riots accused Meeran Haider, reducing his mandatory police station visits ahead of his upcoming wedding. The Bench also exempted him from reporting to the police station on his wedding day and on October 24, 2026.
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- सुप्रीम कोर्ट ने मीरान হায়दर के थाने में अनिवार्य रूप से पेश होने की संख्या को सप्ताह में दो बार से घटाकर सप्ताह में एक बार कर दिया है।
- यह राहत न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा 17 अक्टूबर 2026 को निर्धारित उनकी शादी के मद्देनजर प्रदान की गई है।
- हैदर को उनकी शादी के दिन और 24 अक्टूबर 2026 को पुलिस स्टेशन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने से भी आधिकारिक छूट दी गई है।
परीक्षा उपयोगी तथ्य (Exam Facts)
मंत्रालय / विभाग
Ministry of Law and Justice
संबंधित संस्थाएं
Supreme Court of India, Delhi High Court, NCT of Delhi
संवैधानिक / कानूनी संदर्भ
Article 21 of the Constitution of India guarantees the Right to Life and Personal Liberty, which forms the core jurisprudence behind granting interim reliefs and bail relaxations by higher judiciary.
स्टैटिक जीके संदर्भ
The Supreme Court of India is the highest judicial forum and final court of appeal under the Constitution of India, established under Article 124.
विस्तृत संपादकीय एवं मुख्य परीक्षा विश्लेषण
सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों के आरोपी मीरान হায়दर की आगामी शादी को देखते हुए उनकी जमानत की शर्तों में आंशिक ढील दी है, जिसके तहत थाने में हाजिरी की अनिवार्य संख्या कम कर दी गई है। अदालत ने उन्हें उनकी शादी के दिन और 24 अक्टूबर 2026 को पुलिस स्टेशन में उपस्थित होने से भी छूट दे दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने मीरान হায়दर के थाने में अनिवार्य रूप से पेश होने की संख्या को सप्ताह में दो बार से घटाकर सप्ताह में एक बार कर दिया है।
यह राहत न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा 17 अक्टूबर 2026 को निर्धारित उनकी शादी के मद्देनजर प्रदान की गई है।
हैदर को उनकी शादी के दिन और 24 अक्टूबर 2026 को पुलिस स्टेशन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने से भी आधिकारिक छूट दी गई है।