CA-20260927-1821High Exam Priority

आंध्र प्रदेश में अल नीनो सूखे से भारी बारिश तक नाटकीय मौसम परिवर्तन दर्ज

27 September 2026
4 min read
Recent heavy downpours have dramatically transformed parched landscapes and depleted water reservoirs across Andhra Pradesh following months of severe El Niño-induced drought. The sudden meteorological shift has replenished critical river basins and elevated groundwater storage levels in vulnerable districts.

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • जल संसाधन विभाग ने कृष्णा नदी बेसिन से बढ़ते पानी के आवक के कारण प्रकाशम बैराज के गेट खोलकर बाढ़ के पानी के निकास को सक्रिय रूप से विनियमित किया।
  • विशाखापत्तनम में मुडासर्लोवा जलाशय और गंभीरम गेड्ढा जलाशय जैसी प्रमुख भंडारण सुविधाएं अड़तालीस घंटों के भीतर पूरी तरह से भर गईं।
  • अगस्त की शुरुआत में, प्रशासनिक पहलों के तहत नागार्जुन सागर दाहिनी नहर नेटवर्क के माध्यम से रामतीर्थम जलाशय से आपातकालीन पेयजल आपूर्ति छोड़ी गई थी।
  • ग्रीष्मकाल के दौरान प्रकाशम जिले के अंतिम छोर के ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर कृषि संकट और पेयजल की कमी का सामना करना पड़ा था, जिसके लिए लक्षित नहर विनियमन की आवश्यकता थी।

परीक्षा उपयोगी तथ्य (Exam Facts)

मंत्रालय / विभाग

Ministry of Jal Shakti & Ministry of Earth Sciences

संबंधित संस्थाएं

India Meteorological Department (IMD), State Water Resources Department, Central Water Commission (CWC)

संवैधानिक / कानूनी संदर्भ

Water is a State subject under Entry 17 of List II (State List) of the Seventh Schedule of the Constitution of India, while regulation of inter-state rivers falls under Union purview via Article 262.

स्टैटिक जीके संदर्भ

El Niño is characterized by unusual warming of surface waters in the eastern tropical Pacific Ocean, severely disrupting global atmospheric circulation and suppressing Indian monsoon rainfall.

विस्तृत संपादकीय एवं मुख्य परीक्षा विश्लेषण

आंध्र प्रदेश में देखे गए भारी जलवायु परिवर्तन से भारतीय प्रायद्वीपीय मौसम प्रणालियों की अस्थिर प्रकृति का पता चलता है, जो अल नीनो जैसी वृहद-जलवायु घटनाओं से अत्यधिक प्रभावित होती हैं। अल नीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) चरण आमतौर पर सामान्य मानसून की प्रगति को बाधित करता है, जिससे दक्षिणी प्रायद्वीपीय राज्यों में गंभीर वर्षा की कमी, सूखी कृषि भूमि और गंभीर पेयजल संकट पैदा होता है। गर्मियों के चरम महीनों के दौरान, प्रकाशम जैसे जिलों की कृषि बेल्ट को भारी जल संबंधी तनाव का सामना करना पड़ा, जिससे प्रशासनिक निकायों को पेयजल खपत के लिए केवल बड़े जलाशयों से अंतिम छोर की सिंचाई नहरों में पानी स्थानांतरित करने जैसे आपातकालीन उपाय लागू करने पड़े।

अभ्यास प्रश्न (Daily Practice MCQs)

विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं (SSC, Banking, UPSC) के स्तर अनुसार बहुविकल्पीय प्रश्न

3 Questions
Level 1: Direct Factual (SSC / Railways)

Q1.आंध्र प्रदेश में हाल ही में हुई बारिश के बाद किस नदी बेसिन में पानी की भारी आवक के कारण प्रकाशम बैराज के गेट खोलने पड़े?

Level 2: Conceptual Bridge (Banking / State PSC)

Q2.भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत 'जल' - जिसमें जल आपूर्ति, सिंचाई और नहरें शामिल हैं - किस विधाई सूची के अंतर्गत आता है?

Level 3: Multi-Statement (UPSC / State PCS)

Q3.अल नीनो घटना और भारत पर इसके प्रभाव के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अल नीनो की विशेषता पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में सतही जल का असाधारण ठंडा होना है। 2. यह आमतौर पर भारतीय उपमहाद्वीप पर सामान्य दक्षिण-पश्चिम मानसून वर्षा को दबा देता है, जिससे कृषि सूखा पड़ता है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?