CA-20260930-7559Exam Essential

कृषि मंत्रालय ने खरीफ 2026-27 के लिए 5,547.99 करोड़ रुपये की PSS खरीद को दी मंजूरी

30 Sept 2026
4 min read
Source:PIB India (Press Information Bureau)
The Union Ministry of Agriculture has sanctioned ₹5,547.99 crore under the Price Support Scheme to procure major pulses and oilseeds across three states for the Kharif 2026-27 season. This intervention aims to protect farmers from distress sales by ensuring guaranteed Minimum Support Prices.

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • उत्तर प्रदेश को सबसे बड़ा वित्तीय हिस्सा यानी 3,992.57 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है, जिसके तहत 4,66,000 मीट्रिक टन तुअर और 6,250 मीट्रिक टन मूंग की खरीद होगी।
  • कर्नाटक के लिए खरीद योजना 1,107 करोड़ रुपये तय की गई है, जिसमें 1,15,500 एमटी सोयाबीन, 38,250 एमटी मूंग और 13,413 एमटी सूरजमुखी शामिल हैं।
  • तेलंगाना को 62,000 एमटी सोयाबीन और 10,766 एमटी मूंग की खरीद के लिए 448.42 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है।
  • यह पूरी परिचालन प्रणाली मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत संचालित होती है, जिसका मुख्य उद्देश्य फसल कटाई के समय कीमतों में गिरावट को रोकना है।

परीक्षा उपयोगी तथ्य (Exam Facts)

मंत्रालय / विभाग

Ministry of Agriculture and Farmers Welfare (कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय)

संबंधित संस्थाएं

National Agricultural Cooperative Marketing Federation of India (NAFED), Food Corporation of India (FCI), Small Farmers' Agri-Business Consortium (SFAC)

संवैधानिक / कानूनी संदर्भ

Implemented under the umbrella of the PM-AASHA (Pradhan Mantri Annadata Aay Sanrakshan Abhiyan) scheme framework.

स्टैटिक जीके संदर्भ

The Price Support Scheme (PSS) is physically implemented by central nodal agencies along with state governments, ensuring procurement of pulses, oilseeds, and copra at the notified MSP when market prices drop.

विस्तृत संपादकीय एवं मुख्य परीक्षा विश्लेषण

मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत खरीफ 2026-27 सीजन के लिए 5,547.99 करोड़ रुपये की हालिया केंद्रीय मंजूरी, ऐतिहासिक फसल असंतुलन को दूर करने की दिशा में एक रणनीतिक नीतिगत बदलाव को दर्शाती है। भारतीय कृषि अर्थव्यवस्था लंबे समय से धान और गेहूं जैसी मुख्य फसलों पर अत्यधिक निर्भर रही है, जिसके कारण उत्तर-पश्चिम राज्यों में पारिस्थितिक दबाव और घरेलू स्तर पर दलहन व खाद्य तेलों की कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में तुअर, मूंग, सोयाबीन और सूरजमुखी जैसी प्रमुख दलहन और तिलहन फसलों पर विशेष ध्यान केंद्रित करके, सरकार किसानों को विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित कर रही है और खाद्य तेलों पर भारत की भारी आयात निर्भरता को कम करना चाहती है। परिचालन की दृष्टि से, मूल्य समर्थन योजना एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करती है, जिसे तब सक्रिय किया जाता है जब अधिसूचित वस्तुओं के बाजार मूल्य सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे चले जाते हैं। नेफेड (NAFED) और भारतीय खाद्य निगम (FCI) जैसी केंद्रीय नोडल एजेंसियां, राज्य-नामित खरीद एजेंसियों के साथ मिलकर सीधे पंजीकृत किसानों से फसलों की भौतिक खरीद करती हैं। उत्तर प्रदेश के लिए लगभग 4,000 करोड़ रुपये जैसी बड़ी वित्तीय आवंटन राशि के सुचारू क्रियान्वयन के लिए मजबूत रसद, विकेंद्रीकृत भंडारण बुनियादी ढांचे और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) प्रणालियों की आवश्यकता होती है, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो। समष्टि आर्थिक दृष्टिकोण से, यह कदम दलहन और तिलहन के क्षेत्र में 'आत्मनिर्भरता' हासिल करने के भारत के दीर्घकालिक लक्ष्य के अनुरूप है, जिससे आयातित मुद्रास्फीति के जोखिमों को कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि, खरीद बुनियादी ढांचे में क्षेत्रीय असमानताएं, विलंबित भुगतान और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में तिलहन की खेती के विस्तार में जल-मृदा की सीमाएं जैसी संरचनात्मक चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। भविष्य में, पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में खरीद के अंतराल को पाटना, ई-नाम (e-NAM) एकीकरण को मजबूत करना और सार्वजनिक-निजी भंडारण साझेदारियों को बढ़ावा देना इस योजना को एक सहज, अखिल भारतीय बाजार स्थिरीकरण उपकरण में बदलने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।

अभ्यास प्रश्न (Daily Practice MCQs)

SSC, Railways, Banking और State PSC के लिए परीक्षा-स्तरीय प्रश्न

3 Questions
Level 1: Direct Factual (SSC / Railways)

Q1.खरीफ 2026-27 के लिए PSS खरीद हेतु केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा स्वीकृत कुल वित्तीय राशि कितनी है?

Level 2: Conceptual Bridge (Banking / State PSC)

Q2.तिलहन और दलहन के लिए मूल्य समर्थन योजना (PSS) के संचालन मुख्य रूप से भारत सरकार की किस व्यापक योजना के अंतर्गत संरचित किए गए हैं?

Level 3: Multi-Statement (UPSC / State PCS)

Q3.मूल्य समर्थन योजना (PSS) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. PSS तब सक्रिय होता है जब अधिसूचित कृषि जिंसों के बाजार मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से अधिक हो जाते हैं। 2. नेफेड जैसी केंद्रीय नोडल एजेंसियां केंद्र सरकार की गारंटी के साथ PSS के तहत दलहन और तिलहन की भौतिक खरीद करती हैं। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?