CA-20260930-9524Exam Essential

केंद्रीय कैबिनेट ने रबी विपणन सत्र 2027-28 के लिए सभी 6 रबी फसलों की एमएसपी में ऐतिहासिक वृद्धि को दी मंजूरी

30 Sept 2026
4 min read
Source:PIB India (Press Information Bureau)
The Cabinet Committee on Economic Affairs (CCEA) has approved a significant increase in the Minimum Support Price (MSP) for all six mandatory Rabi crops for the Rabi Marketing Season 2027-28. This decision aims to guarantee farmers a profit margin ranging from 50% to 106% over their cost of production, aligning with the government's commitment to enhancing agricultural income and achieving self-reliance in oilseeds and pulses.

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • कुसुम (Safflower) के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में सबसे अधिक ₹675 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है, जिससे इसका नया समर्थन मूल्य ₹7,215 हो गया है; इसके बाद सरसों में ₹413 प्रति क्विंटल की वृद्धि (नया MSP ₹6,613) की गई है।
  • घोषित एमएसपी के तहत अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत (A2+FL पद्धति) पर गेहूं पर 106%, सरसों पर 96% और मसूर पर 92% का गारंटीकृत रिटर्न सुनिश्चित किया गया है।
  • धान की कटाई के बाद खाली पड़े खेतों में दलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष 'राइस फेलो एरिया' (Rice Fallow Area) पहल शुरू की गई है, जिसके तहत किसानों को विशेष सहायता दी जाएगी।
  • जौ के आयात को कम करने, घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और जल-तनाव वाले क्षेत्रों में जल-संरक्षण अनुकूल फसल चक्र को प्रोत्साहित करने के लिए इसके एमएसपी में ₹136 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।
  • सरकार शुष्क और सिंचित राज्यों की विशिष्ट पारिस्थितिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक जलवायु-अनुकूल और क्षेत्रीय-विशिष्ट रबी कार्ययोजना लागू कर रही है।

परीक्षा उपयोगी तथ्य (Exam Facts)

मंत्रालय / विभाग

Ministry of Agriculture and Farmers Welfare

संबंधित संस्थाएं

Commission for Agricultural Costs and Prices (CACP), Cabinet Committee on Economic Affairs (CCEA), Food Corporation of India (FCI)

संवैधानिक / कानूनी संदर्भ

Agriculture is a State Subject under Entry 14 of List II (State List) of the Seventh Schedule of the Constitution of India. However, trade, commerce, and the production, supply, and distribution of foodstuffs fall under Entry 33 of List III (Concurrent List), giving the Central Government legislative powers via the Essential Commodities Act, 1955.

स्टैटिक जीके संदर्भ

The Commission for Agricultural Costs and Prices (CACP) is an attached office of the Ministry of Agriculture and Farmers Welfare, established in January 1965 (initially as the Agricultural Prices Commission). It recommends MSPs for 22 mandated crops and Fair and Remunerative Price (FRP) for Sugarcane. The National Commission on Farmers (chaired by Dr. M.S. Swaminathan) recommended that the MSP should be at least 50% more than the weighted average cost of production (referred to as the C2 formula).

विस्तृत संपादकीय एवं मुख्य परीक्षा विश्लेषण

रबी विपणन सत्र 2027-28 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में हालिया संशोधन भारत की कृषि अर्थव्यवस्था में एक रणनीतिक हस्तक्षेप को दर्शाता है। ऐतिहासिक रूप से, भारत की कृषि नीति मुख्य रूप से खाद्यान्न सुरक्षा पर केंद्रित थी, जो गेहूं और धान की खरीद पर अत्यधिक निर्भर थी। हालांकि, वर्तमान व्यापक आर्थिक परिदृश्य फसल विविधीकरण, पोषण सुरक्षा और खाद्य तेलों व दालों के आयात पर निर्भरता को कम करने की मांग करता है। कुसुम, सरसों और मसूर जैसी फसलों के एमएसपी में सबसे अधिक वृद्धि करके, सरकार मूल्य निर्धारण नीति का उपयोग किसानों को पानी की अधिक खपत वाली अनाज फसलों से हटाकर तिलहन और दलहन की ओर आकर्षित करने के लिए एक आर्थिक उपकरण के रूप में कर रही है। परिचालन के स्तर पर, एमएसपी का निर्धारण कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों द्वारा निर्देशित होता है। CACP उत्पादन लागत, मांग-आपूर्ति की स्थिति, घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य के रुझान तथा अंतर-फसल मूल्य समानता सहित कई कारकों का विश्लेषण करता है। 50% मार्जिन को बेंचमार्क करने के लिए उपयोग की जाने वाली लागत अवधारणा 'A2+FL' है, जिसमें वास्तविक भुगतान किए गए खर्च (बीज, उर्वरक, श्रम, ईंधन, सिंचाई) और पारिवारिक श्रम का अनुमानित मूल्य शामिल है। हालांकि किसान संगठन अक्सर 'C2' लागत (जिसमें स्वामित्व वाली भूमि का किराया मूल्य और अचल पूंजी पर ब्याज भी शामिल है) की मांग करते हैं, लेकिन सरकार द्वारा A2+FL पर न्यूनतम 50% मार्जिन देना स्वामीनाथन समिति की सिफारिशों के बाद स्थापित प्रशासनिक ढांचे के अनुरूप है। रणनीतिक दृष्टिकोण से, 'राइस फेलो एरिया' पहल की शुरुआत और जौ के लक्षित आयात प्रतिस्थापन से पारिस्थितिक और व्यापक आर्थिक स्थिरता की दिशा में बदलाव का पता चलता है। धान की कटाई के बाद खाली पड़ी भूमि का दलहन के लिए उपयोग करने से न केवल प्राकृतिक रूप से मिट्टी में नाइट्रोजन का स्तर बहाल होता है, बल्कि प्रोटीन स्रोतों की घरेलू कमी भी दूर होती है। हालांकि, इन एमएसपी वृद्धियों की दीर्घकालिक सफलता संरचनात्मक बाधाओं को दूर करने पर निर्भर करती है। खरीद अवसंरचना अभी भी कुछ राज्यों में अत्यधिक केंद्रित है और मुख्य रूप से गेहूं और धान के लिए ही प्रभावी है। इन मूल्य प्रोत्साहनों के लाभों को सही मायने में सभी किसानों तक पहुंचाने के लिए, सरकार को विकेंद्रीकृत खरीद प्रणालियों को मजबूत करना होगा, ई-नाम (e-NAM) के माध्यम से बाजार पहुंच में सुधार करना होगा और गैर-पारंपरिक कृषि राज्यों में किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को सहायता प्रदान करनी होगी।

अभ्यास प्रश्न (Daily Practice MCQs)

SSC, Railways, Banking और State PSC के लिए परीक्षा-स्तरीय प्रश्न

3 Questions
Level 1: Direct Factual (SSC / Railways)

Q1.रबी विपणन सत्र 2027-28 के लिए निम्नलिखित में से किस रबी फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में सबसे अधिक पूर्ण (absolute) वृद्धि की गई है?

Level 2: Conceptual Bridge (Banking / State PSC)

Q2.भारत में कृषि मूल्य निर्धारण नीति के संदर्भ में, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की सिफारिश करने के लिए कौन सा निकाय जिम्मेदार है, और इस पर अंतिम निर्णय कौन सा प्राधिकरण लेता है?

Level 3: Multi-Statement (UPSC / State PCS)

Q3.न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ढांचे और रबी विपणन सत्र 2027-28 के निर्णयों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सरकार सभी अनिवार्य रबी फसलों के लिए उत्पादन की A2+FL लागत पर न्यूनतम 50% मार्जिन की गारंटी देती है। 2. 'राइस फेलो एरिया' पहल को गेहूं की कटाई के तुरंत बाद पानी की अधिक खपत वाली अनाज फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। 3. कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?