स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान ने भारत भर में समावेशी अपशिष्ट-से-धन पहलों को बढ़ावा दिया
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- स्वच्छता ही सेवा (SHS) 2026 अभियान गांधी जयंती के पूर्वगामी के रूप में स्वैच्छिक नागरिक भागीदारी (श्रमदान) और औपचारिक स्वच्छता भूमिकाओं में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों सहित हाशिए पर मौजूद समुदायों के प्रणालीगत एकीकरण पर केंद्रित है।
- उत्तर प्रदेश के लोनी की कृष्णा विहार कॉलोनी में, एक स्थानीयकृत चक्रीय अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनॉमी) मॉडल डेयरी कचरे (गोबर) को पर्यावरण-अनुकूल अगरबत्ती और लोबान कप में परिवर्तित करता है, जिससे शहरी जल निकासी प्रणालियों में होने वाले अवरोध को रोका जा सके।
- यह सूक्ष्म-उद्यम चरम उत्पादन सीजन के दौरान 40 से 50 महिलाओं को रोजगार प्रदान करता है, जिसमें पारंपरिक लकड़ी के बुरादे के स्थान पर 30% से 35% सूखे गोबर के पाउडर का उपयोग किया जाता है, जिससे वनों की कटाई का दबाव कम होता है।
- लोनी नगर पालिका परिषद स्थानीय गौशालाओं और महिला उद्यमियों के बीच आपूर्ति श्रृंखला संपर्क को सुगम बनाती है, और स्थानीय नागरिक सुविधाओं के वित्तपोषण के लिए उत्पादों की बिक्री से 25% राजस्व हिस्सेदारी प्राप्त करती है।
परीक्षा उपयोगी तथ्य (Exam Facts)
Ministry of Housing and Urban Affairs (MoHUA) & Ministry of Jal Shakti
NITI Aayog (for Circular Economy monitoring), Loni Municipal Council (Nagar Palika Parishad), Swachh Bharat Mission-Urban (SBM-U)
Article 21 (Right to clean environment as part of Right to Life), Article 47 (Directive Principle to raise level of nutrition and standard of living and improve public health), and the 74th Constitutional Amendment Act (devolution of sanitation and waste management powers to Urban Local Bodies).
The Swachh Bharat Mission (SBM) was launched on October 2, 2014. SBM-Urban 2.0 (launched in 2021) aims to make all cities 'Garbage Free' and achieve 100% scientific processing of municipal solid waste.