CA-20260930-3974Exam Essential

स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान ने भारत भर में समावेशी अपशिष्ट-से-धन पहलों को बढ़ावा दिया

30 Sept 2026
4 min read
Source:PIB India (Press Information Bureau)
The Swachhata Hi Seva 2026 campaign, launched on September 17, 2026, under the theme 'Swachhata Mein Sahbhagita', is driving a nationwide movement toward inclusive waste management. This initiative highlights the pivotal roles of women and transgender individuals in transforming local waste, such as cow dung in Loni, Uttar Pradesh, into sustainable livelihood opportunities.

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • स्वच्छता ही सेवा (SHS) 2026 अभियान गांधी जयंती के पूर्वगामी के रूप में स्वैच्छिक नागरिक भागीदारी (श्रमदान) और औपचारिक स्वच्छता भूमिकाओं में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों सहित हाशिए पर मौजूद समुदायों के प्रणालीगत एकीकरण पर केंद्रित है।
  • उत्तर प्रदेश के लोनी की कृष्णा विहार कॉलोनी में, एक स्थानीयकृत चक्रीय अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनॉमी) मॉडल डेयरी कचरे (गोबर) को पर्यावरण-अनुकूल अगरबत्ती और लोबान कप में परिवर्तित करता है, जिससे शहरी जल निकासी प्रणालियों में होने वाले अवरोध को रोका जा सके।
  • यह सूक्ष्म-उद्यम चरम उत्पादन सीजन के दौरान 40 से 50 महिलाओं को रोजगार प्रदान करता है, जिसमें पारंपरिक लकड़ी के बुरादे के स्थान पर 30% से 35% सूखे गोबर के पाउडर का उपयोग किया जाता है, जिससे वनों की कटाई का दबाव कम होता है।
  • लोनी नगर पालिका परिषद स्थानीय गौशालाओं और महिला उद्यमियों के बीच आपूर्ति श्रृंखला संपर्क को सुगम बनाती है, और स्थानीय नागरिक सुविधाओं के वित्तपोषण के लिए उत्पादों की बिक्री से 25% राजस्व हिस्सेदारी प्राप्त करती है।

परीक्षा उपयोगी तथ्य (Exam Facts)

मंत्रालय / विभाग

Ministry of Housing and Urban Affairs (MoHUA) & Ministry of Jal Shakti

संबंधित संस्थाएं

NITI Aayog (for Circular Economy monitoring), Loni Municipal Council (Nagar Palika Parishad), Swachh Bharat Mission-Urban (SBM-U)

संवैधानिक / कानूनी संदर्भ

Article 21 (Right to clean environment as part of Right to Life), Article 47 (Directive Principle to raise level of nutrition and standard of living and improve public health), and the 74th Constitutional Amendment Act (devolution of sanitation and waste management powers to Urban Local Bodies).

स्टैटिक जीके संदर्भ

The Swachh Bharat Mission (SBM) was launched on October 2, 2014. SBM-Urban 2.0 (launched in 2021) aims to make all cities 'Garbage Free' and achieve 100% scientific processing of municipal solid waste.

विस्तृत संपादकीय एवं मुख्य परीक्षा विश्लेषण

स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान भारत की स्वच्छता रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है, जो बुनियादी साफ-सफाई से आगे बढ़कर एक संरचित 'कचरे से कंचन' (वेस्ट-टू-वेल्थ) चक्रीय अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। स्वच्छ भारत मिशन (SBM) के व्यापक ढांचे के तहत, यह पहल नगरपालिका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सामाजिक-आर्थिक हाशिए पर जाने की दोहरी चुनौतियों का समाधान करती है। स्वच्छता मूल्य श्रृंखला में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सक्रिय रूप से एकीकृत करके, यह नीति ऐतिहासिक रूप से उपेक्षित जनसांख्यिकी के लिए सामाजिक सम्मान, वित्तीय स्वतंत्रता और संस्थागत पहचान को बढ़ावा देती है। परिचालन के स्तर पर, लोनी मॉडल दर्शाता है कि कैसे विकेंद्रीकृत अपशिष्ट प्रसंस्करण शहरी प्रशासनिक बाधाओं को कम कर सकता है। गाय का गोबर, जो आमतौर पर नगरपालिका सीवरेज लाइनों को अवरुद्ध करता है और गंभीर जलभराव का कारण बनता है, उसे एक औद्योगिक इनपुट के रूप में पुन: निर्देशित किया जाता है। अगरबत्ती उत्पादों के निर्माण के लिए लकड़ी के बुरादे के साथ 30-35% सूखे गोबर के पाउडर को मिलाकर, यह प्रक्रिया कच्चे माल की लागत को कम करती है, वन-आधारित लकड़ी के बुरादे पर निर्भरता को कम करती है, और एक आत्मनिर्भर वित्तीय चक्र स्थापित करती है। नगर निगम का 25% राजस्व-साझाकरण तंत्र एक व्यावहारिक सार्वजनिक-निजी-सामुदायिक भागीदारी (PPCP) मॉडल को प्रदर्शित करता है जिसे अन्य शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में भी दोहराया जा सकता है। रणनीतिक रूप से, यह समावेशी दृष्टिकोण सतत विकास लक्ष्यों (SDGs), विशेष रूप से SDG 5 (लैंगिक समानता), SDG 6 (स्वच्छ जल और स्वच्छता), SDG 8 (सभ्य कार्य और आर्थिक विकास), और SDG 11 (सतत शहर और समुदाय) के साथ संरेखित है। हालांकि, देश भर में ऐसे विकेंद्रीकृत मॉडलों को बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए गुणवत्ता मानकीकरण, SHG-उत्पादित वस्तुओं के लिए बाजार पहुंच और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े सामाजिक कलंक जैसी चुनौतियों का समाधान करने की आवश्यकता है। सहकारी विपणन संघों को मजबूत करना और GeM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का लाभ उठाना इन जमीनी स्तर के हरित उद्यमों की दीर्घकालिक व्यवहार्यता के लिए महत्वपूर्ण होगा।

अभ्यास प्रश्न (Daily Practice MCQs)

SSC, Railways, Banking और State PSC के लिए परीक्षा-स्तरीय प्रश्न

3 Questions
Level 1: Direct Factual (SSC / Railways)

Q1.17 सितंबर 2026 को शुरू किए गए 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान का मुख्य विषय (थीम) क्या है?

Level 2: Conceptual Bridge (Banking / State PSC)

Q2.भारतीय संविधान की 12वीं अनुसूची (74वें संशोधन अधिनियम द्वारा शामिल) के तहत, निम्नलिखित में से कौन सा कार्यात्मक विषय शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) को अपशिष्ट-से-धन (वेस्ट-टू-वेल्थ) पहलों के प्रबंधन के लिए सीधे अधिकार देता है?

Level 3: Multi-Statement (UPSC / State PCS)

Q3.स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) और चक्रीय अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनॉमी) पहलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. SBM-U 2.0 का लक्ष्य नगरपालिका ठोस अपशिष्ट का 100% वैज्ञानिक प्रबंधन और सभी पुराने डंपसाइटों (legacy dumpsites) का उपचार करना है। 2. अगरबत्ती के औद्योगिक निर्माण में सूखे गोबर के एकीकरण से लकड़ी के बुरादे की आवश्यकता 35% तक कम हो जाती है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?