CA-20261001-5581Exam Essential
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान की समीक्षा की
1 Oct 2026
4 min read
Source:PIB India (Press Information Bureau)
Union Minister Shivraj Singh Chouhan chaired a virtual high-level review meeting to emphasize community participation and measurable outcomes under the Swachhata Hi Seva 2026 campaign. The initiative aims to transform cleanliness from a temporary drive into a permanent civic behavior across rural and urban workplaces.
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने पुराने कार्यालयीन फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक कचरे के निस्तारण और नीलामी के माध्यम से लगभग 15 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त किया।
- अभियान के तहत आयोजित विशेष गतिविधियों में स्वच्छता शपथ, 'स्वच्छ पाठशाला' कार्यक्रम, युवाामोलबिलाइजेशन, और कार्यालय गलियारों, कैंटीनों तथा स्वच्छता सुविधाओं की गहन सफाई शामिल थी।
- इस व्यापक स्वच्छता अभियान में स्वास्थ्य जांच, सफाई कर्मियों के लिए अभिनंदन कार्यक्रम और उनके परिवारों के लिए सहायता गतिविधियों जैसे कल्याणकारी उपाय शामिल किए गए हैं।
- स्वच्छता लक्ष्यों के पूरक के रूप में, प्रशासनिक इकाइयों ने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण पहलों को बढ़ाने के लिए व्यापक कार्यान्वयन रोडमैप तैयार किए हैं।
परीक्षा उपयोगी तथ्य (Exam Facts)
मंत्रालय / विभाग
Ministry of Agriculture and Farmers Welfare & Ministry of Rural Development
संबंधित संस्थाएं
Indian Council of Agricultural Research (ICAR), Department of Agricultural Research and Education (DARE), Department of Land Resources
संवैधानिक / कानूनी संदर्भ
Article 48A and Article 51A(g) of the Constitution of India mandate the protection of the environment and public hygiene.
स्टैटिक जीके संदर्भ
The Swachh Bharat Mission was launched nationwide on October 2, 2014, with the objective of achieving a clean and open-defecation-free India.
विस्तृत संपादकीय एवं मुख्य परीक्षा विश्लेषण
केंद्रीय मंत्रालयों के भीतर स्वच्छता अभियानों का एकीकरण चक्रीय स्वच्छता कार्यक्रमों से संस्थागत व्यवहार परिवर्तन की ओर एक आदर्श बदलाव को दर्शाता है। ग्रामीण विकास मंत्रालय और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के मार्गदर्शन में, 'स्वच्छता ही सेवा 2026' ढांचा नौकरशाही औपचारिकताओं के बजाय मूर्त, मापनीय परिणामों पर जोर देता है। हस्तक्षेप से पहले और बाद के कार्यस्थलों के तुलनात्मक photographic रिकॉर्ड जैसे व्यवस्थित दस्तावेजीकरण को अनिवार्य करके, सरकार सार्वजनिक कार्यालयों के रखरखाव और ग्रामीण स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र में जवाबदेही और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना चाहती है।
परिचालन की दृष्टि से, यह अभियान स्थानीय स्वशासी निकायों, पंचायती राज संस्थाओं, कृषक समुदायों और जमीनी स्तर के फील्ड कार्यालयों को शामिल करते हुए एक बहु-हितधारक दृष्टिकोण का उपयोग करता है। ई-कचरे के निपटान और फर्नीचर नीलामी के माध्यम से प्राप्त वित्तीय अनुकूलन यह प्रदर्शित करता है कि प्रशासनिक हाउसकीपिंग किस प्रकार एक साथ गैर-कर राजस्व उत्पन्न कर सकती है और स्थानिक अव्यवस्था को दूर कर सकती है। इसके अलावा, स्वच्छता श्रमिकों के लिए सामाजिक कल्याण प्रावधानों के साथ शारीरिक श्रम (श्रमदान) को जोड़ना शासन के एक समावेशी मॉडल को उजागर करता है जो पर्यावरणीय स्वच्छता के साथ-साथ व्यावसायिक स्वास्थ्य का भी समाधान करता है।
व्यापक राष्ट्रीय शासन के दृष्टिकोण से, दैनिक प्रशासनिक लोकाचार में स्वच्छता को शामिल करना राष्ट्रव्यापी स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को सुदृढ़ करता है। ग्रामीण अपशिष्ट प्रबंधन में संरचनात्मक बाधाओं को दूर करना और शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना नागरिक जिम्मेदारी में पीढ़ीगत निरंतरता सुनिश्चित करता है। जैसे-जैसे ये विकेंद्रीकृत अभियान बड़े पैमाने पर आगे बढ़ते हैं, ग्रामीण भारत में स्थायी सार्वजनिक स्वास्थ्य लाभांश प्राप्त करने के लिए कठोर निगरानी और सक्रिय सामुदायिक अधिकारिता के बीच संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण बना हुआ है।
Official Reference:PIB India (Press Information Bureau)